दोस्तो आज हम सेंधा नमक के बारे में बात करेंगे । हमारे सब के मन में जरूर आता होगा कि सेंधा नमक बनता कैसे है । तो आज हम नमक के अलग अलग प्रकारों के बारे में बात करेंगे । एक तो हम ने समुद्री नमक और दूसरा सेंधा नमक (rock salt) के बारे में सुना है । सेंधा नमक बनाया नहीं जाता पहले से ही बना होता है । उत्तर भारत उपमहाद्वीप में खनिज पत्थर को ही ‘सेंधा नमक’ या पाकिस्तानी नमक आदि नाम से जाना जाता है । वहा पर नमक के बड़े बड़े पहाड़ और सुरंगे है । ये मोटे मोटे टुकड़ो के रूप में मिलता है और बाजार में पीसा हुआ भी मिल जाता है । यह ह्रदय के लिये उत्तम और पाचन में मदद अर्थात ठंडी तासीर वाला, पचने मे हल्का होता है । तों अंत आप ये समुद्री नमक के चक्कर से बाहर निकले और काला नमक ,सेंधा नमक ही प्रयोग करे, ये प्रकर्ति का बनाया हुआ है ।
अब बात करे (अनपूर्णा, कैपटन कुक ) ने नमक की तो विदेशी कंपनियों ने ये बेचना शुरू किया तब से ही ये सारा खेल शुरू हुआ, अब बात करते है इस खेल की कि ये खेल था क्या, विदेशी कंपनियो को नमक बेचना था जिससे उन्हें बहुत मोटा पैसा कमाना था और लूट मचानी थी तो भारत मे एक बात फैला दी गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ, हम सबको आओडीन की कमी होने लग गई है और ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है । पर इसे खाने से अधिकांश लोग नपुंसक हो गए तो उनके वैज्ञानिको ने कहा कि आओडीन युक्त नमक बंद करवा दिया गया था ।
सेंधा नमक के फ़ायदे :-
1. सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप और भी बहुत ही गंभीर बीमारियों पर नियन्त्रण रहता है और इससे शरीर के 48 रोग ठीक हो जाते हैं ।
2. ये नमक शरीर मे पूरी तरह से घुलनशील है ।
3. सेंधा नमक हमारे शरीर मे 97 पोषक तत्वो की कमी को पूरा करने में मदद करता है । इन पोषक तत्वो की कमी ना पूरी होने के कारण ही लकवे (paralysis) का अटैक आने का सबसे बढ़ा खतरा रहता है ।
4. यह पाचन क्रिया के लिए भी अच्छा होता है और इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है जो हृदय के लिए लाभकारी होता है ।
5. इसके उपयोग से हमारे शरीर को और भी बहुत फायदे है ।
समुद्री नमक के नुकसान :-
1. समुद्री नमक आयुर्वेद के अनुसार तो ये अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है, क्योंकि कंपनियाँ इसमे अतिरिक्त आओडीन डालती है ।
2. आओडीन भी दो तरह का होता है एक तो कुदरती और दूसरा “industrial iodine” जो कि बहुत ही खतरनाक है ।
3. इसके उपयोग से उच्च रक्तचाप (high BP), डाइबिटीज़, आदि गंभीर बीमारियो का होने का भी खतरा रहता है ।
4. ये नमक कभी भी पानी में पूरी तरह घुलता नही है और चमकता रहता है इसी तरह ये हमारे शरीर में भी नहीं घुलता अंत इसी प्रकार किडनी से भी नहीं निकल पाता और पथरी का भी कारण बनता है ।
5. इस नमक में 98% सोडियम क्लोराइड होता है और यह शरीर में घुलता नही है । इस नमक में आयोडीन को बनाये रखने के लिए Magnesium Carbonate आदि रसायन मिलाये जाते हैं जो सीमेंट बनाने में भी इस्तेमाल किये जाते हैं ।
6.इससे जोड़ो का दर्द और गढिया, आदि होने का खतरा रहता है ।
7. आयोडीन नमक के प्रयोग से पानी की जरुरत ज्यादा होती है, 1 ग्राम नमक हमारे शरीर से 23 गुना अधिक पानी खींचता है और यह पानी कोशिकाओ के पानी को कम करता है, जिससे हमें प्यास ज्यादा लगती है ।
8. आजकल बाजार में ज्यादातर समुद्री जल से तैयार नमक ही मिलता है । जबकि 1960 के दशक में देश में पाकिस्तानी नमक ही मिलता था । स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता था समुद्री नमक के बजाय सेंधा नमक का प्रयोग का ही प्रयोग करें ।

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